नौकरी छोड़ जुनून के साथ बढ़े आगे, आज उनकी काबिलियत पर लगी 8.4 करोड़ की बोली

कहते हैं कि यदि दृढ़-इच्छाशक्ति के साथ जुनून का पीछा किया जाए, तो इस दुनिया में कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। लेकिन परिस्थितियों के तले दबकर ज्यादातर लोग हार मान बैठते और अपने सपनों को दफ़न कर देते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते जो तमाम परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हुए अपने जुनून को कभी मरने नहीं देते और दुनिया के सामने मिसाल पेश करते हैं। हमारी आज की कहानी एक ऐसे ही शख्स के इर्द-गिर्द घूम रही है।

हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल ऑक्शन में एक ऐसे खिलाड़ी के उपर करोड़ों की बोली लगी, जिनका नाम तक कोई नहीं जानता था। 13 वर्ष की उम्र में क्रिकेट करियर शुरू करने वाले वरुण चक्रवर्ती को आज भारतीय क्रिकेट के एक उभरते सितारे के रूप में देखा जा रहा है।

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फ़ोटो साभार: डीएनए  

तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले वरुण स्कूल के दिनों से ही क्रिकेट खेला करते थे। शुरुआत में वे एक विकेटकीपर बल्लेबाज थे। बीतते समय के साथ एक वक़्त ऐसा आया, जब उन्हें क्रिकेट को छोड़ अपने करियर के साथ आगे बढ़ना पड़ा। हालाँकि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून हमेशा कायम रहा। सफलतापूर्वक आर्किटेक्चर की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बतौर आर्किटेक्ट अपने करियर की शुरुआत की। नौकरी से साथ-साथ समय निकाल कर वो अक्सर क्रिकेट खेला करते थे। दो साल तक नौकरी करने के बाद एक दिन उन्हें अहसास हुआ कि वे 9 से 5 की नौकरी के लिए नहीं बने हैं। यही वह वक़्त थे जब उन्होंने अपने जुनून के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।

उन्होंने क्रॉमबेस्ट क्रिकेट क्लब में बतौर ऑलराउंडर (तेज गेंदबाज और बल्लेबाज) के तौर पर जॉइन किया। हालांकि, उनके किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उन्हें तेज गेंदबाजी जल्द ही छोड़नी पड़ी, क्योंकि दूसरे ही मैच में वह अपना घुटना चोटिल करवा बैठे। फिर बतौर गेंदबाज अपनी टीम तमिलनाडु के लिए उन्होंने कई बार चमत्कारिक प्रदर्शन किया। इन्हीं प्रदर्शन की बदौलत उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग में खेलने के मौका मिला, जहाँ उन्होंने कई टॉप बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके पाश्चात उन्हें विजय हजारे ट्रोफी में खेलने का मौका मिला, जहाँ उन्होंने अपनी काबिलियत का शानदार नमूना पेश किया। यहाँ उन्होंने 9 मैचों में 22 विकेट लिए और ग्रुप स्टेज तक सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनें। 

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उनके इन्हीं प्रदर्शनों की बदौलत आईपीएल फ्रैंचाइज़ीओं ने उनमें रूचि दिखाई और वे अपनी बेस प्राइस 20 लाख रुपये से 42 गुना अधिक धनराशि 8.4 करोड़ रुपये में ख़रीदे गए। आपको बता दें कि दिल्ली और चेन्नै ने बोली शुरू की। देखते ही देखते यह बोली उस वक्त और रोचक हो गई, जब किंग्स XI पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स भी इस रेस में कूद पड़े और इस तरह 20 लाख रुपये से शुरू हुई बोली 8.4 करोड़ रुपये पर ख़त्म हुई।

वरुण को आज राष्ट्रीय स्तर के एक खिलाड़ी के रूप में पहचान मिल चुकी है। ये उनके जुनून और दृढ़-इच्छाशक्ति का नतीज़ा ही है कि आज वे देश के करोड़ों युवाओं के लिए एक मिसाल के रूप में देखे जा रहे हैं। उनकी सफलता हमें परिस्थितियों का मुकाबला करते हुए जुनून के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

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