इस IAS ऑफिसर की सूझबूझ भरी कार्यवाही ने 50 से ज्यादा बच्चियों को यौन शोषण से बचाया

हमारे देश में मानव तस्करी और सेक्स रैकेट की समस्या काफी तेज़ी से बढ़ती जा रही है। अक्सर गुमशुदा और अनाथालय की लड़कियों इसका शिकार बनाया जाता है। आज ऐसी असहाय बच्चियों के साथ आए दिन यौन शोषण, छेड़खानी और रेप की घटनाएं बढ़ती जा रहीं हैं। जोकी समाज और देश के लिये चिंता का विषय हैं। समाज में बाल यौन शोषण की घटनाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। चाइल्ड सेक्स अब्यूजमेंट पर किये गये एक अध्ययन के मुताबिक भारत में यौन शोषण का शिकार बच्चों की संख्या विश्व में सर्वाधिक हैं। भारत में प्रत्येक 10 बच्चों में एक बच्चा यौन शोषण का शिकार होता है। चाहे पिता द्वारा अपनी ही बेटी से दुष्कर्म की घटना हो या फिर कभी शिक्षक द्वारा विद्यार्थी के साथ यौन उत्पीड़न का मामला आये दिन इस तरह की घटनाएं पूरे समाज को शर्मसार करती हैं। फिर प्रश्न ये उठता है कि हमारे देश की बेटियाँ सुरक्षित कहाँ है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश और बिहार के अनाथालयों में लड़कियों के यौन शोषण की खबरें मीडिया में बेहद चर्चित रही थीं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा तमिलनाडु के एक जिलाधिकारी ने किया है। इनके प्रयासों की वजह से आज एक मिशनरी होम से 50 मासूम लड़कियों को छुड़ाया जा सका है।

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इनका नाम है केएस कंडासामी। आईएएस अधिकारी केएस कंडासामी तमिलनाडु के तिरुवन्नमलाई के जिलाधिकारी हैं। उन्होंने एक मिशनरी होम से 50 लड़कियों को छुड़ाया है। यहां लड़कियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जिलाधिकारी कंडासामी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मिशनरी होम पर छापा मारा और वहां से लड़कियों को मुक्त कराया। इस शेल्टर होम में लड़कियों को बेहद ही अमानवीय तरीके से रखा जाता था, 5 से 22 उम्रवर्ग की इन लड़कियों के बाथरूम में दरवाजे तक नहीं थे। उन्हें एक संयुक्त कमरे में ही कपड़े बदलने पड़ते थे। महिला स्टॉफ की जगह वहां केवल एक पुरुष सुरक्षा गार्ड ही मौजूद था। शिकायत करने पर लड़कियों को बुरी तरह से मारा-पीटा जाता था।

जिस शेल्टर होम से लड़कियों को मुक्त कराया गया वहां की दास्तान सुनकर किसी की भी आंखें भर आएंगी। लड़कियों को इस हद तक प्रताड़ित किया जा रहा था कि इसे शब्दों में बयां करना भी आसान नहीं है। दरअसल जिलाधिकारी केएस कंडासामी को मर्सी अदाइकालापुरम मिशनरी होम की शिकायत मिली थी। जिसके बाद उन्होंने मिशनरी होम पर छापा मारा था। जहां उन्होंने जांच की तो पाया घर का मालिक 65 वर्षीय लुबान कुमार अपने परिवार के साथ वहीं रहता था।इतना ही नहीं, लुबान ने गलत नीयत से लड़कियों के बाथरूम के दरवाजे हटवा दिए थे। उसका कमरा लड़कियों के कमरे से जुड़ा हुआ था, जहां से वह लड़कियों के बाथरूम में तांकझांक करता था। उसने लड़कियों के कपड़े बदलने के स्थान पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हुए थे।

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जब भी लड़कियां हिम्मत करके इस कृत्य की शिकायत करने पहुँचती थीं तो लुबान का भाई लड़कियों को बुरी तरह से पीटता था। जिलाधिकारी के अनुसार वो रात में लड़कियों को अपने कमरे में मसाज देने के लिए भी बुलाता था। फिलहाल लुबान कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उस पर पोस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मिशनरी होम को सील कर लड़कियों को सरकारी अनाथालय में पहुंचा दिया गया है।केएस कंडासामी की पहल से अब इन लड़कियों की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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आईएएस अधिकारी कंडासामी इसके अलावा भी अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए चर्चा में रहे हैं। उन्होंने एक 17 साल की किशोरी को जबरन शादी करने से बचाया था। दरअसल कंडासामी को सूचना मिली थी कि एक किशोरी पी विद्या की शादी एक 25 साल के युवक से कराई जा रही है। जिसके बाद उन्होंने वहां पहुँचकर लड़की की शादी रुकवाई। इतना ही नहीं, कंडासामी ने विद्या की मां को मनाकर उसके नाम 3 लाख रुपये भी जमा करवाए, जिससे विद्या नर्सिंग होम करने में इस्तेमाल करेगी।

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