इंजीनियर से संगीत शिक्षक बने गिटार राव महज़ 1 रुपये में सिखाते हैं संगीत के सुर

संगीत का ना कोई मजहब होता है ना ही कोई सरहद होती है। संगीत ना ही यह जानता है कि कौन छोटा कौन बड़ा। वह केवल सभी को सात सुरों की सरगम में बांध देता है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी लाइफ में किसी के पास भी खुद के हुनर को तराशने तक का समय नहीं है क्योंकि अपने रोज के व्यस्त जीवन में लोग पैसा कमाने के अंधी दौड़ में यह भूल ही गये हैं कि उन्हें अपने हुनर को तराश कर कुछ पल सुकून के साथ भी जीना है। लेकिन अगर आपका हुनर संगीत से जुड़ा है और आप इस भागदौड़ के बीच उसे तराशना चाहते हैं तो आप संगीत सीख सकते हैं और वो भी सिर्फ एक रुपये में।

1 रुपये में संगीत की शिक्षा सोचकर ही मजाक लगता है लेकिन यह सच है और इस बात को सच साबित करते है एस. सी. राव, जिन्हें लोग अपनेपन से गिटार राव कहकर पुकारते हैं। गिटार राव निःस्वार्थ भाव से कई वर्षो से लोगों को केवल 1 रु. में संगीत के सुर सीखा रहे हैं। आंध्रप्रदेश में जन्मे गिटार राव केवल संगीतज्ञ ही नहीं हैं बल्कि वे तो पेशे से सिविल इंजीनियर रहे हैं। इन्होंने कई साल तक एक प्राइवेट कंपनी में बतौर सिविल इंजीनियर के तौर पर काम किया है।

mstljcxqj5qsgktuxyaweeqiqz4xmdna.jpgफोटो साभार - hindustatimes.com

लेकिन  सभी की तरह उनके जीवन में भी एक बुरा दौर आया गिटार राव जब नौकरी करते थे उस समय वे कर्ज में डूब गए। धीर-धीरे उनका कर्ज उनके लिए बोझ बनता चला और उसके नीचे वे दबते चले गये स्थिति यहाँ तक पहुँच गयी की वे नौकरी और घर छोड़कर तिरुपति चले गए। तिरुपति जाकर कुछ समय वहाँ रहने के बाद गिटार राव ने एक संगीत अकादमी में संगीत सीखना शुरू कर दिया और संगीत ने उन्हें सुकून का एहसास दिलाया संगीत गिटार राव का तनाव कम करने में कामयाब रहा और तब ही से उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया। संगीत की शिक्षा लेकर कुछ समय बाद गिटार राव अपने घर वापस आ गए लेकिन अब वे एक संकल्प के साथ वापस लौटे थे वो संकल्प था लोगों को संगीत सीखा कर उनका तनाव दूर करने का।

flswxaijtz59rwltm39ccngrpghyunf5.jpgफोटो साभार - hindustantimes.com

आपको जानकर आश्चर्य होगा की संगीत शिक्षक गिटार राव के पास वर्तमान में ना रहने की जगह ना उनका कोई ठिकाना है वे आंध्र भवन की लॉबी में रहते हैं सोते है वही उनका घर है पब्लिक टॉयलेट का वो इस्तेमाल करते है लेकिन संगीत सीखाने का जुनून ऐसा की उनके  पास 4 - 5 गिटार और बांसुरियां है जिससे वे अपने पास आने वाले शिष्यों को संगीत की शिक्षा देते है। गिटार राव सुबह 7 से 9 बजे तक  आंध्र भवन के पास संगीत सिखाते है उसके बाद दोपहर 2 से 6 बजे तक विजय चौक पर और शाम को 6 से 9 बजे तक इंडिया गेट के पास लोगों को संगीत सिखाते हैं।

emdh7jsqzjcqmqnvpr8lpzm4jgtxavdy.jpgफोटो साभार - hindustantimes.com

गिटार राव बताते है कि " मेरी इच्छा है कि जिस तरह प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छ भारत मिशन' की शुरुआत की है उसी तरह 'संगीत भारत मिशन' की शुरुआत की जाए। मेरे पास संगीत का कोई एक्सपर्ट ज्ञान तो नहीं है लेकिन मैं लोगों को संगीत का बेसिक ज्ञान देना चाहता हूँ जिससे की लोग अपना तनाव कम कर आनंदपूर्वक जिए।"

वाक़ई गिटार राव की सोच तो बहुत अच्छी है स्वच्छ भारत मिशन की तरह ही यदि संगीत भारतमिशन का भी आगाज हो जाए तो मानसिक शांति का आलम ही नया होगा।



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