14 साल की बहादुर लड़की जिस तरह यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाई, वह क़ाबिल-ए-तारीफ़ है

आज के समय में जहाँ अनगिनत महिलाएं और लड़कियाँ अपने साथ होने वाली ज़्यादतियों  और यौन उत्पीड़न की घटनाओं को खुलकर बताने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रही हैं। लेकिन इसके बावजूद भी अभी भी कुछ ऐसे मसले हैं जो खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। आज की हमारी कहानी ऐसी ही एक लड़की की हिम्मत और आत्मविश्वास को प्रमाणित कर रही है। यह घटना है 14 वर्षीय स्कूल में पढ़ने वाली एक बहादुर लड़की की जिसने एक ऎसे आदमी को पुणे पुलिस को पकड़वाया जो अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को अश्लील हरकत कर के परेशान किया करता था।

कुछ समय पहले तक शास्त्री नगर, कोथरुद का रहने वाला 47 वर्षीय रघुनाथ चौधरी अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों को परेशान किया करता था, वह जबरन उन्हें मोबाइल में अश्लील फ़ोटो देखने की मांग करता था। रिपोर्ट्स की माने तो रघुनाथ पिछले तीन महीनों से अश्लील हरकतें कर लड़कियों को परेशान कर रहा था। जिसके चलते लड़कियाँ मानसिक रूप से परेशान रहने लगी और एक दिन उन्होंने हिम्मत करते हुए  इस अन्याय का सहन नहीं करने का फैसला लिया ।

gwswshyrtesselue4bqrrqzsrtqwhy5x.jpgफोटो साभार - womensnews.org 

जब लड़कियों ने उसकी नाजायज मांगों के खिलाफ आवाज उठाई तो रघुनाथ ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। उसकी रोज-रोज की धमकियों से तंग आकर 14 वर्षीय एक लड़की ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद की। उसने साहस जुटाया और घटना के बारे में अपने माता-पिता को बताया, माता-पिता ने बेटी की बात को समझा और अपराधियों को सजा दिलाने का निश्चय किया। उन्होंने स्कूल में लिखित शिकायत की जिसके बाद स्कूल की तरफ से कोथरुद पुलिस को सूचित किया गया और उस कर्मचारी को तुरन्त प्रभाव से नौकरी से निलम्बित कर दिया गया। 

पुलिस ने अपना दायित्व निभाते हुए मामले की गम्भीरता को समझ कर यौन उत्पीड़न अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2012 के अंतर्गत बच्चों के संरक्षण के अनुच्छेद 7 के तहत  भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत हमला या आपराधिक प्रवृति के लिए एक महिला को अपमानित करने के इरादे से रघुनाथ पर मामला दर्ज किया। यह घटना उन सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने ऊपर हो रहे अपराध के खिलाफ अपनी आवाज बुलन्द कर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने का हौसला रखती हैं।

 


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