पुलिस का अभिन्न अंग बन गये है खोजी कुत्ते जो करते है अपराधियों की धर पकड़

अक्सर हम फिल्मों में देखते है की कैसे एक जानवर परिवार का हिस्सा हमदर्द बन जाता। जानवरों में कुत्ते को इंसान का सबसे वफ़ादार दोस्त माना जाता है हमारे बॉलीवुड में तो तेरी मेहरबानियां, एंटरटेनमेंट ऐसी मूवीज है जो कुत्तों की वफ़ादारी और हिम्मत पर ही आधरित है। कुत्तों की इसी वफ़ादारी के चलते ही तो उन्हें देश की सेना और पुलिस में भी सम्मानजनक स्थान दिया गया है। कई बार इन खोजी कुत्तों की मदद से बहुत से मामलों को सुलझाकर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है।

जब कुत्ता किसी अपराध के साक्ष्य की खोज करता है तो उसके पीछे छुपी होती उसके प्रशिक्षण की बहुत ही रोचक कहानी जो उसे पुलिस विभाग में शामिल होने के काबिल बनाती है। एक खोजी कुत्ते और उसे प्रशिक्षण प्रदान करने वाले के बीच मजबूत बॉन्डिंग का होना बहुत जरूरी है। चेन्नई पुलिस में शामिल खोजी कुत्तों की टीम बहुत ही स्ट्रांग है इस टीम में 26 डोबरमैन और एक लैब्राडोर को जगह दी गयी है और उनका ध्यान रखने के लिए 43 हैंडलर को नियुक्त किया गया है। इन कुत्तों को शहर की तिरुसुलम  पहाड़ी पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है जिसमे सबसे पहले कुत्ते और उसके हैंडलर के बीच अच्छी बॉन्डिंग बनाई जाती है उसके बाद उसे अपराध और अपराधी की पहचान के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान हैंडलर की जिम्मेदारी सबसे अधिक होती है क्योंकि उसे कुत्ते को प्यार और विश्वास को जीतना होता है उसके स्वभाव को समझना होता है।

9guep7aj5hjnhv6q326zzfczkexg7bqb.jpgफोटो साभार - द हिन्दू

दोनों के बीच अच्छा सामंजस्य बनने के बाद शुरू हुए प्रशिक्षण से कुत्ते को यह लगने लगता है अगर वह अपराधी को पकड़ लेगा तो उसका हैंडलर बहुत खुश होगा। इस दौरान कुत्तों को अनुशासन में रहने का भी अभ्यास कराया जाता है जो कुत्ते को ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं। कुत्तों और पुलिस की साझेदारी को निभाने के लिए दोनों को ही पहल करनी होती है। मौका ए वारदात पर जब इन कुत्तो को लेकर जाया जाता है तो सबसे पहले उनकी चेन को ढीला छोड़ दिया जाता है जिससे वे स्वतन्त्रता पूर्वक अपना काम कर सकें। ऐसे ही प्रशिक्षण के दौरान कुत्तों को बम, बारूद आदि की खोज के लिए भी तैयार किया जाता है।

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कई अवसरों पर देखा गया है की कुत्तों की मदद से पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में आसानी हुई है। कुत्तों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज़ होती है जिसके चलते वह कई किलोमीटर दूर से ही किसी गन्ध विशेष जिसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया गया है पहचानने में सक्षम होते है। भारतीय पुलिस और सेना में खोजी कुत्तों की भागीदारी बहुत ही महत्वपूर्ण है। अगर यह कहा जाये की कुत्तें पुलिस और सेना का अभिन्न अंग है तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी।



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