IMF की पहली महिला चीफ़ बनकर गीता गोपीनाथ अब वर्ल्ड इकॉनमी में दिखाएंगी अपने अनुभव का कमाल

जानी-मानी शिक्षाविद और केरल सरकार की आर्थिक सलाहकार गीता गोपीनाथ को जब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के शोध विभाग का जिम्मा मिला तो एक बार फिर भारतवासियों के लिए गौरवशाली क्षण था। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के बाद वो इस पद को संभालने वाली दूसरी भारतीय हैं।

कोलकाता में जन्मीं गीता ने अपनी स्कूली शिक्षा कोलकाता, मैसूर और दिल्ली से प्राप्त की हैं। साल 1992 में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) करने के बाद दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में ही मास्टर डिग्री पूरी की। उसके बाद उन्होंने अमेरिका का रुख किया। साल 1996 से 2001 तक उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी पूरी की। उन्होंने शिकागो बिज़नेस स्कूल में बतौर सहायक प्रोफ़ेसर भी काम किया है।

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फ़ोटो साभार: आजतक

मीडिया रिपोर्टों को मानें तो व्यापार और निवेश, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट, मुद्रा नीतियां, कर्ज़ और उभरते बाज़ार पर उनकी मजबूत पकड़ है और उन्होंने इससे संबंधित लगभग 40 रिसर्च लेख भी प्रकाशित किया है। बहुमुखी प्रतिभा की धनी गीता को साल 2005 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के तौर पर नियुक्त किया गया। साल 2010 में वह इसी यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर बनीं और फिर 2015 में वे इंटरनेशनल स्टडीज़ एंड ऑफ़ इकनॉमिक्स की प्रोफ़ेसर बन गईं।

इतनी कम उम्र में ही उनके नाम उपलब्धियों की कमी नहीं है। वह नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक रिसर्च में इंटरनेशनल फ़ाइनेंस और मैक्रोइकॉनॉमिक्स प्रोग्राम की सह-निदेशक भी रह चुकी हैं। साथ ही 2016 में उन्हें केरल में मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार के रूप में भी नियुक्त किया गया था। साल 2014 में उन्हें IMF ने शीर्ष 25 अर्थशास्त्रियों की सूचि में भी शामिल किया गया था।

आईएमएफ़ की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्डे ने सोमवार को गीता गोपीनाथ की नियुक्ति की जानकारी देते हुए कहा, ''गीता दुनिया के बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। उनके पास शानदार अकादमिक ज्ञान, बौद्धिक क्षमता और व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव है।

इस उपलब्धि के साथ गीता ने वाकई में भारतीयों की काबिलियत से एक बार फिर दुनिया को परिचय कराया है। उन्होंने देश की लाखों बेटियों के सामने एक मिसाल पेश किया है कि लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते रहने से आप कामयाबी के शिखर तक पहुँच जाते हो।

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