11 साल के इस बच्चे की साहस को आप भी करेंगे सलाम, उफनती नदी में कूदकर बचाई कई लोगों की जान

5 अगस्त को असम के उत्तरी गुवाहाटी इलाके में ब्रह्मपुत्र नदी में एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हुआ था। दरअसल 36 यात्रियों को लेकर जा रही नाव में अचानक इंजन में खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई थी। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत भी हो गयी थी और कई लोग लापता भी हो गए। इस दुर्घटना के बाद एक 11 साल का बच्चा हीरो के रूप में उभर कर सामने आया। हर तरफ उसकी बहादुरी के चर्चे हो रहे हैं।

पांचवी कक्षा में पढ़ने वाला कमल किशोर दास अपनी दादी को उनके घर छोड़कर अपनी माँ और आंटी के साथ उसी नाव से वापिस लौट रहा था। तभी अचानक नाव एक खंभे से जा टकराई और फिर कुछ तकनीकी ख़राबी की वजह से वह डूबने लगी। बिना कोई समय गँवाए उसकी माँ ने उसे तैरकर किनारे जाने को कहा।

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बचाव कार्य में जुटे सेना के जवान | फोटो साभार: पीटीआई

टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत के दौरान कमल ने बताया कि ‘जैसे ही नाव बांध की दीवार के खंभे से टकराई और डूबने लगी, मेरी माँ ने मुझसे कहा कि जूते उतारकर तैरो और किनारे की ओर चले जाओ। मैंने ऐसा ही किया और किनारे पर पहुंच गया।’ 

किनारे आते ही माँ और आंटी उनकी नजरों से ओझल हो गये। उसने वापस नदी में छलांग लगाकर दुर्घटनाग्रस्त नाव के पास पहुंचा। उसकी मान को तैरना नहीं आता था और वह गहरे पानी में डूबती जा रही थी। उसने तुरंत माँ को सहारा देकर किनारे लाया। वापस छलांग लगाकर वह उसी स्थान पर पहुंचा और अपनी आंटी को भी बाहर निकाला।

कमल ने बताया कि "जैसे ही मैंने अपनी मां और आंटी को पानी से बाहर निकाला तो देखा कि बुर्के में एक महिला और उसकी बांहों में एक बच्चा बाहर आने के लिए संघर्ष कर रहे थे। मैं दोबारा पानी में कूद गया और दोनों को बांध के पिलर की कंक्रीट स्लैब तक लेकर आया।" लेकिन दुर्भाग्यवश उस महिला की हाथ से उसका बच्चा फिसल गया। अपने बच्चे को बचाने के लिए वह भी नदी में कूद गई और तेज़ बहाव में वो दोनों बह गये।

माँ को बेटे पर गर्व है। वह कहती हैं कि मेरी ज़िन्दगी अब मेरे बेटे की ही देन है। मैं जानती थी कि वह तैरकर खुद को बचा लेगा क्योंकि वह हफ्ते में दो बार ब्रह्मपुत्र नदी में तैराकी का अभ्यास करता है।”

सच में इस 11 वर्षीय बच्चे की साहस और जज़्बे को सलाम करने का मन करता है। उसने उन लोगों के सामने एक मिसाल पेश की है जो दुर्घटना के पास से दबे पाँव निकल जाते हैं।


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