केरल बाढ़ पीडि़तों के दर्द से आहत नन्‍हें भाई-बहनों ने अपने पिगी बैंक का सारा रुपया दान कर दिया

संघर्ष और मुसीबतें जब जीवन में आती हैं तो बहुत कुछ सिखा कर जाती हैं। संवेदना, सहानुभूति, दया और प्रेम संघर्ष और मुसीबत के गर्भ से जन्मे शब्द ही नहीं भाव भी हैं।

कोच्चि शहर के दो भाई बहनों ने केरल की बाढ़ से द्रवित होकर अपने पिगी बैंक में की गई बचत को मुख्यमंत्री के बाढ़ राहत कोष में देने का फैसला किया है। हारून और दिया कोच्चि में रहने वाले सिद्दीकी परिवार के बच्चे हैं। पिछले 2 सालों से अपने घर खर्चे को जोड़कर इन्‍होंने जो पैसे बचाए थे वह इसे खुशी खुशी दान करना चाहते हैं।

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फोटो साभार: सोशल मीडिया

बच्चों की मां फातिमा सिद्दीकी ने फेसबुक पर इस पूरी घटना का हृदय विदारक वर्णन किया है। हारुण और दीया ने जब अन्य लोगों द्वारा कपड़ों और जरूरी चीजों का दान केरला के बाढ़ पीड़ितों को करते हुए सोशल मीडिया पर देखा तो यह मासूम बच्चे अपना बचत बैंक लेकर मां बाप से बोले कि क्या वह इस पैसे से बाढ़ पीड़ितों की कोई सहायता कर सकते हैं। हालांकि बचत बैंक में कुल 2210 रुपए हैं। चाहे यह रुपया बहुत ज्यादा नहीं लेकिन बूंद-बूंद से ही घट भरता है।

हारुण और दीया के माता-पिता यह सोचकर बहुत खुश है कि उनके बच्चों के मन में बाढ़ पीड़ितों के लिए इतनी संवेदना है कि जिस पैसे को वह घर की जरूरतों के लिए नहीं लेने देते थे आज वह जरूरतमंदों की सहायता के लिए वह रुपया खुशी-खुशी देने को तैयार हैं।

पाठकों को बता दें कि केरल सदी की सबसे बड़ी तबाही से इस वक्त जूझ रहा है। 100 साल में कभी ऐसी तबाही केरल ने नहीं देखी। 350 से ज़्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 6 लाख से ज़्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। राज्य के 14 में से 11 ज़िलों में रेड अलर्ट हैं और सबसे चिंताजनक बात है कि मौसम विभाग ने अभी भी भारी बारिश की आशंका जताई है जिससे आने वाले वक्त में हालात और बिगड़ने के आसार हैं। केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देशभर से लोग मदद को आगे आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 500 करोड़ रुपये का पैकेज दिया है, वहीं तमाम राज्य सरकारें भी 10 से 20 करोड़ रुपये तक राज्य के राहत कोष में दान कर रही हैं।

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