सड़क किनारे सामान बेचने वाले एक बच्चे की प्रतिभा से अभिभूत होकर आनंद महिंद्रा ने उसे हरसंभव मदद का किया वादा

अगर व्यक्ति में प्रतिभा है तो कभी ना कभी वह सामने आ ही जाती है उसे छुपाना नामुमकिन है और बात अगर हमारे देश की हो तो हमारा देश तो है ही प्रतिभाओं की खान। हमारे यहाँ लोगों में क़ाबिलियत की कमी नही है बस जरूरत है तो उस क़ाबिलियत की पहचान करने वालों की। 

देश की कुछ ऐसी ही अनदेखी प्रतिभाओं से विश्व को रूबरू कराने का संकल्प लेकर आगे आये है जाने माने बिजनेस टायकून आनंद महिंद्रा।

आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहते हैं और प्रतिभाशाली लोगों के वीडियो पर ट्वीट भी करते। इतना ही नही आनंद महिंद्रा अपने ट्वीट के जरिए लोगों से भी अपील करते है कि वे भी उनकी इस मुहिम में उनका साथ दें और भारत के कोने कोने में छुपी प्रतिभाओं का पता लगाने में उनकी मदद करें।

हमेशा की तरह प्रतिभाओं की तलाश कर रहे आनंद महिंद्रा की तलाश इस बार मुंबई की सड़को पर घूमते दिखे एक बच्चा पर जाकर रुकी है जिसका नाम है रवि चोकाल्या।आनंद महिंद्रा इस बच्चे से बहुत अधिक प्रभावित हो गए जिसके चलते उन्होंने अपनी टीम से इस बच्चे का पता लगाने के लिए कहा। पूरा वाकया कुछ ऐसा है कि 2 जुलाई को एक ट्विटर यूजर ऑस्टिन स्कारिया ने आनंद महिंद्रा को ट्वीट में टैग किया जिसमें एक बच्चे की वीडियो क्लिप थी और यह बच्चा मुंबई की गलियों में पंखे बेच रहा था लेकिन इस बच्चे की खास बात यह थी कि वह 10 अलग-अलग विदेशी भाषाओं बात करते हुए पंखें बेच रहा था।

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आनंद महिंद्रा ने एक छोटे बच्चे के इस टैलेंट को देखकर रिट्वीट करते हुआ लिखा कि "इस बच्चे में रिअल स्पार्क है मैंने अपनी टीम से कहा है कि हमें इस बच्चे का पता लगाना चाहिए और इस बात को देखना चाहिए कि क्या वह पढ़ रहा है?"

और उनकी टीम ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी उसके कुछ समय बाद महिंद्रा ने एक अपडेट ट्वीट शेयर किया जिसमें उन्होंने लिखा कि "महिंद्रा टीम ने उस बच्चे को ढूंढ निकाला है जिसका नाम रवि चेकाल्या है और हमारी टीम उसके टैलेंट को और अधिक निखारने के लिए प्लान बना रही है।"

वाक़ई आनंद महिंद्रा और उनकी टीम के इस काम ने साबित कर दिया की हीरे की परख एक जौहरी ही कर सकता है।

 

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