लंदन से भारत लौट इन दो सहेलियों ने शुरू किया स्टार्टअप, आम आइडिया से हुईं कामयाब

किसी भी देश के निर्माण में उसकी भावी पीढ़ी का बड़ा योगदान होता है उन सभी को सुरक्षित जीवन और पौष्टिक आहार देना हर माँ बाप का प्रथम कर्त्तव्य होता है। परन्तु पिछले कुछ दशको में हमारे खान-पान में बहुत ज्यादा नकारात्मक बदलाव आया है और इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हमारे बच्चे हुए हैं। पौष्टिक खाने के अभाव में नई-नई बीमारियां सर उठाने लगी है। पहले हम गेहूं चावल के साथ मोटे अनाज और दूसरे उत्पादों का इस्तेमाल करते थे। आज कल के बच्चे तो इन चीज़ो को जानते भी नहीं है। बच्चों को किस प्रकार की पौष्टिक चीज़े दी जाए इस बात की चिंता आजकल की ज्यादातर माताओं को होती है खासकर बाजार में मिलने वाले उत्पादों को देने में वह हिचकती हैं। इन्हीं परेशानियों को समझते हुए दिल्ली की दो माताएं शौरवी मलिक और मेघना नारायन ने बच्चों के लिए पौष्टिक कुकीज़ व अन्य उत्पाद बनाने वाली एक कंपनी स्लर्रप (slurrp) फार्म की शुरुआत की।

शौरवी मलिक और मेघना नारायन की मुलाकात एक कॉमन दोस्त के जरिए लंदन में हुई थी और उसी के बाद वह एक दूसरे की गहरी दोस्त बन गयी। शौरवी बताती है जब वह लन्दन से भारत आती थी तो उनके जानने वाले लोग उनसे वहाँ की कुकीज और खाने की दूसरी चीज़े मँगवाते थे, कई बार तो डिमांड इतनी अधिक होती थी कि यह सब लाना काफी मुश्किल हो जाता था। शौरवी को इस बात की काफी उत्सुकता रहती थी कि वहाँ की कुकीज को इतना क्यों पसंद किया जाता है। जब शौरवी ने यह जानने की कोशिश की तो यह जानकर हैरान रह गयी कि इन कुकीज में इस्तेमाल होने वाला अनाज और दूसरी चीज़े भारत से ही मंगवाई जाती है। लेकिन ये बात वही तक सीमित रह गयी और दोनों दोस्त भारत आ गयी।

भारत लौटने के बाद दोनों सहलियों की शादी हुई और बच्चे होने के साथ ही वह अपनी-अपनी जिंदगी में रम गयी। शौरवी बताती है कि जब उनके बच्चे बड़े होने लगे तो उन्होंने महसूस किया भारत में मिलने वाले ज्यादातर कुकीज़ और खाने के सामान में मैदा, चीनी और डालडा होता है जो बच्चों के लिए अत्यंत हानिकारक है। फिर उन्हें पौष्टिक कुकीज़ और दूसरे उत्पाद बनाने का विचार आया। शौरवी ने इस बारे में मेघना से बात की और दोनों ने मिलकर यह फैसला किया कि जो पौष्टिक आहार आज से 40 साल पहले हमारे बुजुर्ग रोज़मर्रा के जीवन में खाते थे वही पौष्टिकता हम सभी बच्चों को उनके भोजन में उपलब्ध कराएँगे। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने साल 2016 में “स्लर्रप फार्म” की शुरुआत की। यह बच्चों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को रोकने की पहल थी।

हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एमबीए शौरवी और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बी टेक मेघना को कुकीज़ बनाने का कोई अनुभव नहीं था इसलिए उन्होंने इस काम को नौसिखियों की तरह शुरू किया। घर पर कुकीज़ बनाने और फैक्ट्री में कुकीज़ बनाने में काफी अंतर होता है इसलिए उन्होंने अपनी कुकीज़ को बाजार में लाने से पहले रीसर्च शुरू कर दी। इसके लिये वह दोनों देश भर की 100 से अधिक कुकीज़ बनाने वाली फैक्टरियों में गयी और वहां उत्पादों को बनाने के तरीके सीखे।

अपनी बनाई हुई कुकीज़ को स्कूल के बच्चों में बांटा तथा उनकी प्रतिक्रिया ली ताकि वह अधिक सुधार कर सकें। आज दिल्ली के करीब 50 स्टोरों में इनके उत्पाद खरीदे जा रहे हैं और दूसरे शहरों में ऑनलाइन साइटों से आर्डर किया जा रहा है। इनके फ़ार्म में कई फ्लेवर की कुकीज़ उपलब्ध हैं जिनमे चॉकलेट, गेहूं, रागी, मक्का, चावल,आम, केले और दूध प्रमुख है। हाल ही में छोटे बच्चों के लिए तीन नए फ्लेवर में सेरिअल लांच किया है जिसमे पहला है रागी, सेब और केला फ्लेवर, दूसरा खिचड़ी की तरह है जिसमें चावल, मूंगदाल, गेहूं और पालक टमाटर का है। तीसरा मक्का और चावल का मिश्रण है जिसका फ्लेवर आम और केला का है। इनके सारे उत्पादों में आर्गेनिक पूर्ण अनाज और आर्गेनिक ब्राउन शुगर का इस्तेमाल होता है। साथ ही किसी भी प्रकार का सिंथैटिक फ्लेवर व प्रेज़रवेटिव नहीं डाला जाता है।

अपने सारे उत्पादों को बच्चों में लोकप्रिय बनाने के लिए कुकीज़ के ऊपर गेंडा , हाथी, मगरमच्छ, तोता, शेर, बंदर आदि के चित्र बनाए है। शौरवी और मेघना बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाने के साथ ही उनमें खाने के प्रति रूचि भी पैदा करना चाहती हैं। इसके लिए वह बच्चों के लिए कहानी की किताब पर भी काम कर रही हैं। आने वाले समय में स्लर्रप फार्म रेडीमेड उत्पाद भी लांच करने वाली है जिसमे पैन केक और डोसा पेस्ट प्रमुख है। डोसा पेस्ट पांच तरह के अनाजों मिलाकर बनाया जाएगा जिसका फ्लेवर पालक और चुकंदर का होगा।

इन महिलाओं ने समय की मांग को देखते हुए कारोबारी जगत में कदम रखा और बच्चों के लिए पौष्टिक आहार की विशाल श्रृंखला पेश कर अपने कामयाबी की इबारत लिखी।

 

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