अनूठी मुहिम: सड़क के आवारा कुत्तों की देखभाल पर हर महीने 18 हजार रुपये खर्च करने वाली अंजलि

एक अच्छी टेबल टेनिस प्लेयर और एक एमएनसी में बिजनेस एनालिस्ट की अच्छे पैकेज पर नौकरी। तो फिर जिंदगी में और क्या चाहिए। वो आराम से अपने शौक पूरे कर सकती है, दुनिया घूम सकती है, जिंदगी के मजे ले सकती है लेकिन असम की रहने वाली अंजलि ककाती को कुछ और ही मंजूर है। वे जिंदगी के मजे तो ले रही हैं लेकिन इसमें उसके साथी आवारा कुत्ते हैं।

जी हाँ, क्या आपने कभी सुना है कि एक लड़की कुत्तों की देखभाल और उनके खाने-पीने के खर्चे उठाने के लिए अपनी सैलरी का आधा हिस्सा ही उनके नाम कर देती हो। आज के स्वार्थी जमाने में जहाँ घरों में भाई-भाई में प्यार नहीं दिखता, वहां एक ऐसी लड़की भी है, जो कुत्तों पर निस्वार्थ प्यार लुटाती है। इसके लिए वो न सिर्फ उनके साथ समय बिताती हैं बल्कि अपनी सैलरी का आधा हिस्सा उनके खाने-पीने पर खर्च कर देती हैं। असम में पली बढ़ी यह लड़की टेबल टेनिस खेल के लिए कुछ साल पहले दिल्ली आई थी, अब यहीं रह कर जॉब कर रही है।

दरअसल, बात उन दिनों की है जब उनकी मुलाकात स्वीटी से हुई, उसके साथ समय बिताना, उसके साथ घूमना, उसके बारे में जानना, अंजलि को बड़ा रास आता है। स्वीटी कोई और नहीं बल्कि उनकी डॉग है जो 2014 में उनके पास आई थी।. वो उसका ख्याल रखती थी, तबसे उन्हें कुत्तों से लगाव हो गया। दिल्ली में काम करने वाली अंजलि एक कैम्पेन चलाती हैं, जिसका नाम है ‘ईच वन फीड वन’। इसके तहत स्ट्रीट डॉग को खाना मिलता है, उनका एकमात्र मकसद है कोई भी स्ट्रीट डॉग भूखा न रहे। अंजलि रोज सुबह उठकर कुत्तों को खाना खिलाती हैं, उन्हें देखकर बाकि लोग भी ऐसा करने लगे।

अंजलि की जिन्दगी में 2006 में बदलाव आया। यह वो वक़्त था जब अंजलि ने निर्णय किया कि उन्हें इन डॉग के लिए कुछ करना है। पहले उन्होंने कॉलोनी के दो कुत्तों को खाना खिलाने से शुरुआत की। उन्हें ये प्रेरणा एक पनवाड़ी से मिली जो उनके ऑफिस के पास कुत्तों को खाना खिलाता था। आपको यकीन नहीं होगा अंजलि आज 16 से 18 हजार महीना सिर्फ इन कुत्तों के खाने पर खर्च करती हैं। अंजलि अब असम में भी ऐसी मुहीम शुरू करना चाहती हैं। सोशल मीडिया पर अंजलि EachOneFeedOne नाम के हैंडल से सक्रिय हैं।

केनफ़ोलिओज़ से खास बातचीत में अंजलि ने बताया कि वे जल्द ही एक एम्बुलेंस खरीदना चाहती हैं ताकि कुत्तों को तुरंत इलाज मिल सके। सड़क पर तड़प रहे घायल कुत्तों के लिए यह बेहद जरूरी है।

अंजलि ने एक ऐसे मुहिम की शुरुआत की है जिसकी सच में जरूरत है। आवारा पशुओं की देखभाल के लिए यह मुहिम यकीनन लोगों के भीतर एक प्रेरणा का संचार करेगा।

 

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