लाख कोशिशों के बाद माँ ने दिए 1.5 लाख रूपये उधार, उससे बेटी ने ऐसे बनाया 1700 करोड़ का साम्राज्य

आज कल कॉस्मेटिक्स और स्किन केअर का बाजार बहुत तेज़ी से फल फूल रहा है। लोग टीवी पर आ रहे विज्ञापनों को देख आकर्षित होते हैं और फिर महँगी से महँगी क्रीम, शैम्पू आदि खरीद कर ले आते हैं। पर कोई कभी गौर नहीं करता की इतनी रकम चुकाने के बाद भी आखिर उनको दिया क्या जा रहा है। कंपनियों को भी बस मुनाफे से मतलब होता चाहे इसकी कीमत ग्राहक का स्वास्थ्य ही क्यों न हो। इन कंपनीयों ने तो बेबी प्रोडक्ट्स को भी नहीं छोड़ा, ज्यादातर ब्रांड्स के बेबी केअर प्रोडक्ट्स में भी केमिकल और टॉक्सिक पदार्थ की मात्रा पायी गयी है। अब ऐसे में क्या हमें बस उन लुभावनें विज्ञापनों पर भरोसा कर लेना चाहिये। क्या हम एक नन्ही सी जान जिसे ज़माने का कुछ पता नहीं उसके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने दे सकते हैं। इन्ही सवालों को लेकर एक माँ ने शुरू की थी अपनी ऑर्गेनिक बेबी प्रोडक्ट्स की कंपनी और आज उनकी कंपनी अरबों में कारोबार कर रही है।

आज हम बात कर रहे हैं अमेरिका की महिला उद्यमी जेसिका क्लीसॉय की। जेसिका आर्गेनिक बेबी प्रोडक्ट्स बनाने वाली अमेरिका की मशहूर कंपनी ‘कैलिफ़ोर्निया बेबी’ की फाउंडर हैं। 51 साल की जेसिका का जन्म अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में हुआ था। उनका बिज़नेस से कोई खास ताल्लुक नहीं था बल्कि वे तो शादी करके एक ख़ुशहाल जीवन बिता रही थीं। पर अपने बच्चे के प्रति उनकी ममता और सुरक्षा की भावना ने आज उन्हें दुनिया की एक सफल महिला उद्यमी की सूचि में ला खड़ा कर दिया है।

दरअसल जब जेसिका ने पहली बार अपने बच्चे को जन्म दिया तो वह भी अन्य माताओं की तरह बाजार से बेबी प्रोडक्ट्स खरीद कर इस्तेमाल करती थी। लेकिन एक बार उन्होंने प्रोडक्ट के लेबल पर गौर किया, उस समय उन्हें कुछ खास समझ नहीं आया। उत्सुकतावश एक दिन वो लाइब्रेरी से एक केमिकल डिक्सनरी ले आई। उन्होंने बेबी प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले इंग्रेडिएंट्स के बारे में रिसर्च करना शुरू किया और सच्चाई जानकर चौंक गयीं। उन बेबी प्रोडक्ट्स में बहुत ही हानिकारक केमिकल और टॉक्सिक पदार्थ मौजूद थे। उसमें खुशबु बढ़ानें के लिए सिंथेटिक फ्रेगरेंस और केमिकल का भारी इस्तेमाल था, जिससे बच्चे के बालों, स्किन और स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता था।

उन्होंने उसी वक़्त इन प्रोडक्ट को इस्तेमाल न करने का प्रण लिया और खुद कुछ ऐसा बनाने पर विचार करने लगी जिसमे ऐसा कोई हानिकारक तत्त्व न हो। काफी रिसर्च के बाद उन्होंने अपने घर पर ही आर्गेनिक तरीके से शैम्पू बनाने की प्रक्रिया शुरू की। काफी मेहनत के बाद बेबी शैम्पू बनाने में उन्हें कामयाबी मिली। जेसिका अपनी इस कामयाबी को खुद तक ही सिमित नहीं रखना चाहती थीं और इसलिए उन्होंने इस सफल प्रयोग को लोगों के सामने लाने का फैसला किया।

साथ ही उन्हें इसे बेचने में एक बड़ी कारोबारी संभावना दिखी और साथ ही दूसरे पेरेंट्स को भी एक अच्छी क्वालिटी का आर्गेनिक प्रोडक्ट मिल सके। इसके लिए जेसिका ने बहुत मेहनत की, वे दुकानों में जाकर अपनें प्रोडक्ट्स के बारे में बताती थी, नए-नए ग्राहकों से बात करती थी। अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए वो बताती हैं कि शुरू के 8 वर्ष उन्हें एक डेमो गर्ल की तरह उन्हें काम करना पड़ा था।

उनकी मेहनत रंग दिखाई और वर्ष 1995 तक जेसिका के प्रोडक्टस को लोग पसंद करने लगे थे। फिर अपने प्रोडक्ट्स को बड़े स्तर पर लोगों के सामने पेश करने के उद्येश्य से उसने एक आर्गेनिक बेबी प्रोडक्ट की कंपनी बनाने की सोची। लेकिन उनके पास इसके लिए पैसे नहीं थे और उन्होंने अपनी माँ से 2000 डॉलर (करीब 1.5 लाख रूपये) उधार माँगा। माँ को बेटी की आइडिया पर तनिक भी भरोसा नहीं था लेकिन बेटी के बार-बार कहने पर उन्होंने पैसे दे दिए।

समय के साथ जेसिका का आइडिया चल निकला और देखते ही देखते उनकी कंपनी लोगों के बीच अपनी पहचान बनाने लगी। आज उनकी कंपनी करीब 90 तरह के आर्गेनिक बेबी प्रोडक्ट बनाती है। उनके प्रोडक्ट्स आज अमेरिका के 10 हज़ार से भी ज्यादा स्टोर में बेची जाती है, जिसमें वॉल मार्ट, टारगेट, होल फ़ूड जैसे बड़े स्टोर्स शामिल हैं।

हालांकि जेसिका को अपनी माँ से उधार लिए पैसे को लौटाने में 5 साल का वक़्त तो लगा लेकिन आज वे अरबों की मालकिन हैं। उसने 100 एकड़ का फार्म भी खरीदा, जहाँ अपने प्रोडक्ट के लिए आर्गेनिक रूप से खेती करवाती हैं। उनके प्रोडक्ट्स की कीमत भी कम नहीं है, लेकिन गुणवत्ता की वजह से उसने लाखों ग्राहकों का भरोसा जीता है। फ़ोर्ब्स के अनुसार आज वे 1700 करोड़ की मालकिन हैं।

जेसिका की सफलता से हमें काफी कुछ सीखने को मिलता है। पहली चीज़ यह कि हमारे आस-पास ही कई कारोबारी आइडियाज होते हैं उन्हें बस ढूंढने की काबिलियत हमें खुद के भीतर पैदा करनी होगी। यदि ऐसा करने में हम कामयाब हो जाते तो फिर कामयाबी भी मिलते देर नहीं लगती।

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