पति के शहीद होने के बाद सेना जॉइन करने से लेकर ग्लैमरस वर्ल्ड तक पहुँचने वाली कैप्टन शालिनी

जीवन किसी के लिए रुकता नहीं है, यह किसी की आलोचना या प्रशंसा सुनने के लिए ठहरता नहीं है। हमारी पृथ्वी या अन्य ग्रह एक पल के लिए भी घूर्णन या परिभ्रमण करना रोकते नहीं हैं अथवा उनका अस्तित्व ही समाप्त हो सकता है। जीवन कभी ठहर जाए यह संभव ही नहीं। यदि आप इस का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप को इसके उतार चढ़ाव का साहसपूर्वक सामना करना होगा। संघर्षों का सामना करके जीवन की राहों का निर्माण स्वयं करने वाले ही सच्चे योद्धा होते हैं। हमारी आज की कहानी की धुरी हैं कैप्‍टन शालिनी सिंह जिन्‍होंने एक बहादुर मां से लेकर आर्मी कैप्‍टन तक का सफर अदम्‍य साहस के साथ तय किया लेकिन कभी हार नहीं मानी।

सन 1998  में शालिनी की शादी भारतीय सेना के मेजर अविनाश सिंह भदोरिया से हुई तब वह मात्र 19 वर्ष की थीं। छोटी उम्र में शादी होने के कारण उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। शादी के दो साल बाद ही मेजर अविनाश की पोस्टिंग कश्मीर में हो गई और उन्‍हें परिवार से दूर जाना पड़ा। इस दूरी के बावजूद भी अविनाश और शालिनी का वैवाहिक जीवन सुखद पूर्ण था।

28 सितंबर 2001 को शालिनी के ऊपर नियति का कहर टूटा जब उसे पता चला की आतंकवादियों से लड़ते हुए अविनाश वीरगति को प्राप्त हो गए। अपने 2 वर्ष के बेटे ध्रुव के साथ शालिनी का जीवन मानो शून्‍य हो गया था। लेकिन इस शून्‍य में बेटे की हंसती खिलखिलाती आवाज ने शालिनी को इस दुख का सामना करने के लिए दोबारा खड़ा किया।

6 महीने की कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग के बाद 7 सितंबर 2002 को शालिनी ने भारतीय सेना में अधिकारी के तौर पर ज्वाइन किया। भारतीय सेना के अधिकारी के तौर पर ही उन्होंने राष्ट्रपति से अपने पति का मरणोपरांत कीर्ति चक्र सम्मान भी प्राप्त किया। अपने माता पिता और भाई का भरपूर सहयोग शालिनी को अपने बेटे के पालन-पोषण में मिला। 6 साल आर्मी की नौकरी करने के बाद ध्रुव के भविष्य के लिए शालिनी ने यह नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया।

शालिनी की बिखरी जिंदगी अब संभलने लगी थी। लोगों और परिवार के बहुत समझाने और कहने पर शालिनी ने जीवन का सबसे कठिन निर्णय लेकर सेना के ही मेजर एस पी सिंह से दूसरी शादी की लेकिन शादी के कुछ समय में ही शालिनी को पता लगा कि मेजर ने उसके विश्वास का फ़ायदा उठाते हुए शादी के पहले ही उसके एकाउंट से कई लाख रूपये शालिनी को बताए बगैर निकाल लिए। इसी बीच मेजर शालिनी से मारपीट करने लगा। 2011 में तो मेजर ने शालिनी के सिर पर गिलास से ऐसा हमला किया कि उसे 32 टाँके लगवाने पड़े। इसके बाद शालिनी ने अपने दूसरे पति से तलाक लेकर केस दर्ज करवाया है।

14 अप्रैल 2017 को मिसेज इंडिया क्लासिक क्वीन ऑफ सबस्टेंस 2017 का खिताबी ताज पहनने वाली कैप्टन (रिटायर्ड) शालिनी सिंह का मिसेज इंडिया बनने का सफर इतना आसान भी नहीं था।

फिलहाल शालिनी एक कंपनी में बतौर सीनियर मैनेजर कार्यरत हैं। इसके अलावा वह सोशल वर्क भी करती हैं। गरीब और दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई में मदद करती हैं। शालिनी अपने त्‍याग के तोहफे के रूप में 17 साल के बेटे ध्रुव को भी भारतीय सेना की वर्दी में देखना चाहती हैं। 

Share This Article
1146