जब एसएसपी पर तान ली एक कांस्टेबल ने बन्दूक, बाद में एसएसपी ने उन्हें किया सम्मानित

हम सभी एक बेहद आरामदायक नौकरी की तलाश में रहते हैं, और लगातार अपने काम के बोझ की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन हमारे आस पास बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो अपनी नौकरी को केवल एक नौकरी की तरह नहीं बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। ऐसे लोग यह नहीं सोचते कि उनका कार्य केवल सरकारी घडी में बंद, महज़ एक औपचारिकता भर है बल्कि वो अपने कार्य को इतनी गंभीरता से लेते हैं कि शायद दिन के 24 घंटे भी उनके लिए कम पड़ जाते हैं। और जब व्यक्ति की नौकरी का सीधा सम्बन्ध जनता की भलाई एवं सेवा से हो तो जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे ही लोग होते हैं जिनके कारण हमारा समाज और देश सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। आज हम आपको नॉएडा में कार्यरत ऐसे ही एक एसएसपी की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी को इतनी गंभीरता से लिया कि उन्हें देखने वाले उन्हें सलाम करे बिना नहीं रह पाए। यह कहानी है अजयपाल शर्मा की जो अपने सिपाहियों पर नजर रखने एवं रात में गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों की सजगता का परिक्षण लेने देर रात को ऑटो में सवार होकर गश्त पर निकल पड़े। उनका इरादा अवैध वसूली की चेकिंग करने का भी था। आइये इस पूरे वाकये को विस्तार से समझते हैं।

पुलिस की मुस्तैदी की परीक्षा लेने के इरादे से निकले एक सामान्य ऑटो में

हाल ही में उत्तर प्रदेश में अवैध वसूली की कथित लिस्ट वायरल होने से पुलिस की छवि को काफी नुकसान हुआ है। इस सम्बन्ध में नॉएडा में कार्यरत एसएसपी अजयपाल ने तुरंत सख्त कदम उठाने के उद्देश्य से खुद ही गैरजिम्मेदार एवं भ्रष्ट पुलिस कर्मियों पर नकेल कसने के इरादा किया और बिना वर्दी निकल पड़े उनकी परीक्षा लेने। उन्होंने इसके लिए एक सामान्य ऑटो को पकड़ा और फिर शुरू हुआ गश्त लगाते हुए अवैध वसूली पर नकेल कसने का दौर। उन्होंने न वक़्त की सीमा को देखा न अपनी सुरक्षा की किसी प्रकार से चिंता की। वो बस निकल पड़े यह सोचकर कि उन्हें अपने पुलिस तंत्र को बेहतर करना है जिससे वो समाज के काम आ सकें। खास बात यह रही कि ऑटो में गश्त पर निकलने से पहले उन्होंने वायरलेस पर एक संदिग्ध गाड़ी के गुजरने और ऑटो चोरी की सूचना प्रसारित करवाई, जबकि वह खुद उसी ऑटो में सवार थे। उन्होंने यह जोखिम इसलिए भी लिया कि आखिर पता चल सके कि वाकई में वायरलेस पर दी गयी इस सूचना के चलते पुलिस कर्मी सजग हुए या नहीं।

रास्ते में एक पुलिस वाले की लापरवाही के चलते किया उसे सस्पेंड

वो जब अकेले ऑटो में सवार होकर रास्ते से गुजर रहे थे तो उन्हें एक पुलिस कर्मी दिखा जो अपनी ड्यूटी एवं चेकिंग के प्रति लापरवाही बरत रहा था। उन्होंने तुरंत इसका संज्ञान लिया और वो ऑटो से उतरे, उन्होंने उससे लापरवाही का कारण पूछा और जब उस पुलिस कर्मी को पता चला कि उसके सामने एसएसपी अजयपाल खड़े हैं तो वो अपनी लापरवाही के लिए माफ़ी मांगे लगा, पर अजयपाल शर्मा जी ने उस पुलिस कर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया और एक नजीर कायम कर दी कि अगर कोई भी पुलिस कर्मी ड्यूटी के दौरान लापरवाह पाया गया या वह मुस्तैद नहीं दिखा तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

जब एसएसपी पर तान ली एक कांस्टेबल ने बन्दूक, बाद में उन्होंने किया उसे सम्मानित

आगे बढ़ते हुए उनकी ऑटो को एक कांस्टेबल ने रोकने का प्रयास किया। उस कांस्टेबल को वायरलेस वाली सूचना के चलते एसएसपी की ऑटो पर शक हुआ, पर उसके द्वारा रोकने का इशारा करने के बावजूद एसएसपी जानबूझकर रुके नहीं। ऐसा देखकर वो कांस्टेबल तुरंत हरकत में आ गया और वो ऑटो के पीछे दौड़ता हुआ आया और बेहद बहादुरी से और मौके की गंभीरता को समझते हुए उसने ऑटो में बैठे एसएसपी पर एके-47 बन्दूक तान ली और उन्हें बाहर उतरने का आदेश दिया। यह देखकर एसएसपी उस कांस्टेबल से काफी ज्यादा खुश हुए और अपने जवान की मुस्तैदी की प्रशंसा भी की, इसके अलावा पीसीआर- 22 जवान को चेकिंग में सजग मिलने पर 500 रुपए का नगद पुरस्कार देकर उसे सम्मानित भी किया। इसके अलावा वो रात भर गश्त लगाते हुए अपने पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी को परखते रहे और कुछ के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया।

इस पूरे वाकये से हमे यह सीख अवश्य मिलती है कि केवल एक व्यक्ति के प्रयास से भी पूरे तंत्र पर कितना सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है। अजपाल शर्मा ने ऑटो से गश्त लगाकर अपने पुलिस कर्मियों की परीक्षा लेते हुए यह भी साबित किया कि अगर व्यक्ति परिवर्तन लाने का निश्चय करले तो फिर यह मायने नहीं रखता कि आप किस प्रकार से वह परिवर्तन लाते हैं। इस औचक निरीक्षण के जरिये अजयपाल ने अन्य पुलिसवालों को यह नजीर भी दी कि क्या दिन और क्या रात, उनकी ड्यूटी का हर एक पल आम लोगों की सेवा में समर्पित होना चाहिए। हम उनकी इस पहल के लिए उन्हें सलाम करते हैं और जिस जवान ने बेख़ौफ़ अपनी ड्यूटी निभाते हुए अपने एसएसपी को संदिग्ध समझ कर उनपर बन्दूक तानी उसे उसकी बहादुरी के लिए हम अनेक शुभकामनायें देते हैं। 

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