भारतीय एयरपोर्ट अथॉरिटी की पहली महिला फायर फाइटर जिसने करोड़ों बेटियों के सामने मिसाल पेश की

आधुनिक भारतीय महिलाएं नित नए कीर्तिमान स्थापित कर निरंतर ऊंचाइयों को छू रही हैं। हाल ही में फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने फाइटर प्लेन उड़ाकर पुरुष वर्चस्व वाले क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर के भविष्य के लिए नए रास्ते महिलाओं के समक्ष खोले हैं। इसका जीता जागता प्रमाण है कोलकाता की तान्या सान्याल जो एयरपोर्ट अथॉरिटी की पहली महिला फायर फाइटर बनने जा रही हैं। तान्या भारतीय विमानपत्तन एयरपोर्ट अथॉरिटी ने फायर फाइटर का स्थान लेकर भारतीय महिलाओं की उस श्रेणी में जगह बनाई है जिन्होंने समाज के पुरुष वर्चस्व वाले क्षेत्रों में अभूतपूर्व करके दिखाया है।

एयरपोर्ट फायरफाइटर्स की भूमिका  

एयरपोर्ट में वर्तमान में 3310 फायरफाइटर्स कार्यरत हैं। इनकी मौजूदगी हवाई जहाज की लैंडिंग के समय किसी भी दुर्घटना के मद्देनजर आवश्यक होती है। तान्‍या इस महीने दिल्ली में प्रशिक्षण पूरा करके एयरपोर्ट पर फायरफाइटर की भूमिका में कार्य करेंगी।

महिलाओं के चयन के लिए किए गए बदलाव

देश की पहली महिला पायलट बनने का गौरव प्राप्त करने वाली तान्या एयरपोर्ट अथॉरिटी के सभी कठिन मापदंडों पर खरी उतरी हैं। नए एयरपोर्ट बनने की कड़ी में फायर फाइटर्स की कमी एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा महसूस की जा रही थी। जिसके चलते शारीरिक मापदंडों में फेरबदल करके महिलाओं को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन गुरुप्रसाद मोहापात्रा ने यही अभूतपूर्व बदलाव अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन में भी लागू किए हैं। यह निर्णय बेहद प्रशंसनीय है। फायर फाइटर बनने के लिए पुरुषों के लिए कम से कम कद 1*6 मीटर और 50 किलोग्राम वजन होना जरूरी है। वहीं महिलाओं के लिए यह मापदंड कम किए गए हैं। हालांकि कार्यप्रणाली पुरुष और महिलाओं के लिए एक जैसी ही निर्धारित की गई है। 

कोलकाता की रहने वाली तान्या ने स्नातक डिग्री विषय में ली है। ट्रेनिंग के पश्चात पूर्व क्षेत्रीय एयरपोर्ट, कोलकाता, पटना, भुवनेश्वर, रायपुर, गया और रांची में से कहीं पर भी कार्य करने के लिए वह अधिकृत होंगी। तान्‍या के लिए देश की पहली महिला फायर फाइटर बनना अत्यंत गौरव का विषय है। परिवार के सपोर्ट के लिए वह बेहद शुक्रगुजार हैं जिसके कारण वह इस असंभव क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आगे बढ़ पाईं। 

अब भी महिलाओं से अछूते क्‍यों हैं यह क्षेत्र  

2015  में सरकार द्वारा पुरुष वर्चस्व के कठिन माने जाने वाले क्षेत्रों में महिलाओं का चयन लागू करना भविष्य में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। महिलाओं को प्रेरणा एवं साहस प्रदान करने वाला यह निर्णय नारी शक्ति को एक नई पहचान दिला रहा है। विश्व के अन्य देश जैसे, ब्रिटेन, यूनाइटेड स्टेट्स, इजरायल, और पाकिस्तान में भी महिलाओं को फाइटर पायलट बनने का मौका दिया जाता है। हालांकि भारत में अभी थल सेना और जल सेना में लड़ाई के क्षेत्र में कार्यप्रणाली और लॉजिस्टिक प्रणाली के चलते महिलाओं का चयन बाधित है। किंतु प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते वर्चस्व के चलते अब यह भी असंभव नहीं लगता।

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