4 दोस्त, 5 लाख रुपये और एक साधारण आइडिया, दो साल के भीतर ही हो गई 60 करोड़ की कमाई

हर व्यक्ति की सौंदर्यबोध की क्षमता अलग-अलग होती है। हममें यह स्वाभाविक गुण होता है कि हम सुंदरता की तरफ खिंचे चले जाते हैं, चाहे वह सजीव हो या कि कोई निर्जीव वस्तु। जब हम एक घर बनाते हैं तब पहली चीज़ जो जरूरी लगती वह है फर्नीचर। सभी के दिमाग में अपने पसंद के फर्नीचर की छवि उभर आती है। परन्तु अभी भी बाजार में कस्टम-मेड फर्नीचर का बिज़नेस पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है।

नए फर्नीचर की खुशबू हमारी इन्द्रियों को आकर्षित करती है और हमें घर में सुकून और गर्माहट का अहसास कराती है। इन सभी चीजों को जिन्होंने पहचाना वे हैं लोकेन्द्र राणावत। लोकेन्द्र जो वुडन-स्ट्रीट के सीईओ हैं, उन्होंने अपने को-फाउंडर्स के साथ मिलकर इस दिशा में गहन शोध किया और ऑनलाइन कस्टमाइज़्ड फर्नीचर फर्म की शुरूआत की।

लोकेन्द्र का जन्म राजस्थान के उदयपुर में हुआ। उनके पिता नौसेना अधिकारी थे और माता गृहिणी थीं। नौकरी के कारण बार-बार के होने वाले ट्रांसफर की वजह से उन्हें बार-बार अपना स्कूल बदलना पड़ता था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री जयपुर से ली और सेल्स तथा मार्केटिंग में एमबीए आईटीएम गाज़ियाबाद से किया। वे एक साधारण विद्यार्थी थे लेकिन उनमें आगे बढ़ने का जुनून था और इसलिए वे एक इंटरप्रेन्योर बन पाए।

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपना खुद का बिज़नेस शुरू करने का निश्चय किया। वे भीड़ से कुछ अलग करना चाहते थे। उन्होंने विचार मंथन किया और अपने ही जैसे पसंद रखने वाले पाटनर्स की तलाश करने लगे। उन्होंने दिनेश प्रताप सिंह, वीरेंदर राणावत और विकास बाहेती के साथ मिलकर एक ऑनलाइन कस्टम-मेड फर्नीचर स्टोर शुरू करने का निर्णय लिया जिसका नाम वूडन स्ट्रीट रखा।

वूडन स्ट्रीट ने अपने ग्राहकों को कस्टम-मेड फर्नीचर के साथ-साथ उनके निर्देश के अनुरूप फर्नीचर बनाने की सेवा प्रदान की। इसके अलावा हाई-क्वालिटी हार्डवुड फर्नीचर की रेंज भी ग्राहकों को प्रदान की गई जिससे वे ग्राहकों की पहली पसंद बन गए। जून 2015 में पांच लाख के इन्वेस्टमेंट से वूडन स्ट्रीट का परिचालन शुरू हुआ। 18 महीने के अंतराल के बाद उनका लाभ 20 करोड़ तक पहुंच गया। वूडन स्ट्रीट अपने देश भर में फैले ग्राहकों को उनकी आवश्यकता के सारे फर्नीचर उपलब्ध कराते हैं।

इस बिज़नेस की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि भारी-भरकम फर्नीचर को बिना कोई क्षति पहुँचाये डिलीवर कैसे किया जाए। इसके लिए उन्हें काफ़ी प्रयास करने पड़े। परन्तु जब एक बार इस बाधा से निकल आये तब सारे काम आसानी से होने लगे । वूडन स्ट्रीट के हर महीने 3 लाख यूज़र्स हैं और महीने  में लगभग 10,000 ग्राहकों को यह सेवा प्रदान करते हैं।

वूडन स्ट्रीट के पास 2500 डिज़ाइन आसानी से उपलब्ध होते हैं इससे आसानी से लोग अपनी पसंद के फर्नीचर चुन सकते हैं। और अगर ग्राहकों को अपनी पसंद के फर्नीचर बनाने होते हैं तो कस्टमर केयर से एप्रोच कर वे अपने आइडियाज दे देते हैं और स्टाफ उनके 3D मॉडल बनाकर भेज देते हैं। अगर ग्राहक को पसंद आ जाता है तो वैसे ही फर्नीचर बनाकर ग्राहक तक भेज दिया जाता है।

न केवल ऑनलाइन बल्कि वूडन स्ट्रीट के चार स्टोर भी हैं जो बंगलुरु, मुंबई, पुणे और जयपुर में हैं। देश भर में दस और स्टोर्स अगले 12 महीने तक खोलने का लक्ष्य है। केवल 10 कर्मचारियों से शुरू किये गए इस बिज़नेस में अब 125 कर्मचारी हैं वह भी केवल 18 महीने के भीतर।

अगर किसी में जोख़िम उठाने की ताकत है और कड़ी मेहनत और लगन के साथ अपने सपने पूरे करने का जज़्बा हो तो वह सफलता जरूर प्राप्त करता है; और यह कर दिखाया वूडन स्ट्रीट के फाउंडर लोकेन्द्र ने।  

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