148 के शानदार स्कोर के साथ, इस भारतीय ने IQ वर्ल्ड टेस्ट में नया कीर्तिमान हासिल किया

कोलकाता के एक आईटी प्रोफेशनल ने आईक्यू वर्ल्ड टेस्ट में शीर्ष स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान हासिल किया है। 43 वर्षीय अमित सहाई एक सॉफ्टवेयर कंपनी के सेल्स डिपार्टमेंट में काम करते हैं। उन्होंने दो अन्य अमेरिकियों के साथ रैंक साझा करते हुए इस प्रसिद्ध इंटेलिजेंस प्रतियोगिता (आईक्यू) में शीर्ष स्थान हासिल किया। सबसे ख़ास बात यह है कि 148 स्कोर कर यह कीर्तिमान हासिल करने वाले अमित संभवतः देश के पहले व्यस्क हैं।

कोलकाता में जन्में और पले-बढ़े अमित का मानना है कि इंटेलिजेंस महज एक शब्द नहीं हैं, उसे हासिल करना सच में एक बड़ी उपलब्धि है। और यह केवल एक परीक्षण स्कोर था जिसे सही योग्यता वाले कोई भी व्यक्ति द्वारा हासिल किया जा सकता है। भारतीयों में ऐसी काबिलियत है और वह चीजों को तेज़ी से समझते भी हैं। जब तक वे इसे एक खेल की भावना से खेलेंगे, तब तक अधिकांश भारतीयों को उच्च स्कोर मिल सकता है। अगर किसी भारतीय को उच्च स्कोर मिलता है तो मुझे गर्व होगा।"

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आपकी जानकारी के लिए बताना चाहते हैं कि इस प्रतियोगिता का आयोजन आईक्यू वर्ल्ड एलएलसी नामक एक अमेरिकी आर्गेनाईजेशन द्वारा कराया जाता है। यह एक बड़ा समुदाय है जिसमें 155,000 से अधिक सदस्य हैं जो दुनिया भर के लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा करवाते हैं और उनमें से उच्च स्कोर हासिल करने वाले को प्रसिद्धी मिलती।

दिलचस्प बात यह है कि भारत के कई बच्चे इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता का हिस्सा रह चुके हैं और अपने स्कोर से दुनियाभर में प्रसिद्धी पाई है। बच्चों के साथ-साथ इस आईक्यू परीक्षण को वयस्कों और किशोरों की संज्ञानात्मक क्षमता को मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है। साल 1955 में जारी किए गए वेचस्लर-बेलेव्यू इंटेलिजेंस स्केल के संशोधन के रूप में डेविड वेस्सेलर द्वारा इसे फरवरी 1955 में पहली बार प्रकाशित किया गया था। वर्तमान में इसका चौथा संस्करण चल रहा है. जिसे साल 2019 में पूरा होने का अनुमान है।

बुद्धि को वास्तव में परीक्षणों के माध्यम से मापा जा सकता है या नहीं, यह एक अलग बात है। लेकिन कोई इस बात की उपेक्षा नहीं कर सकता कि ये परीक्षण अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हैं, और हमें उनकी काबिलियत की दाद देनी ही होगी।

   

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