मिलिए उस शख्स से जिनकी मुहिम ने 25 करोड़ बच्चों तक पहुँचाई मुफ़्त विश्व-स्तरीय शिक्षा

यह कहानी उस इंसान की है जिसमें हमारी शिक्षा पद्धति को बदलने की ताकत है। यही वह दुसरे सलमान खान हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्तिकारी बदलाव किया। गणित व विज्ञान को सरल बनाकर उन्होंने प्रथम “मुफ़्त विश्व स्तरीय वर्चुअल स्कूल” के रूप में दुनिया को दी खान अकादमी। अभी ये मुफ़्त विश्वस्तरीय शिक्षा के द्वारा आने वाले वर्षों में भारत समेत पूरी दुनिया के 45 करोड़ बच्चों को शिक्षित करने की ओर प्रतिबद्ध हैं।

सलमान, जिन्हें लोग प्रेम से ‘द वर्ल्ड टीचर’ कहते हैं, तकनीक के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक है। उनका जन्म व पालन-पोषण न्यू ओरलियंस, लुसिआना ,अमेरिका में हुआ। उन्होंने अपना ग्रेजुएशन ऍम.आई.टी (मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टैक्नोलॉजी) से 1998 में किया। वहाँ से इन्होंने तीन डिग्रियां लीं – दो बी.एस.- गणित और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में और एम.एस.की डिग्री इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में की। उसके पश्चात उन्होंने हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एम.बी.ए. की डिग्री ली। सलमान ने एक लाभ रहित संस्था की नींव रखी, जिसका उद्देश्य किसी भी के लिए व कहीं से भी मुफ़्त विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करना था।

kwlrerjynw9bscplfedsbxjtu7trkdha.jpg

खान अकादमी के सफर की शुरुआत 2003 के आखिर में हुई, जब सलमान ने अपने चचेरे भाई को गणित में होमवर्क कराना शुरू किया। वे स्काइप और याहू मैसेंजर के जरिए उसे पढ़ाते थे, उनकी मदद से उनके भाई के ग्रेड्स बढ़ने लगे। परिवार और दोस्तों को जब उसकी सफलता के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने भी सलमान से मदद मांगी। अपने अधिक काम के बोझ की वजह से, उन्होंने अपने टुयशन का विस्तार करने के लिए किसी अलग रास्ते के बारे में सोचना शुरू किया। अपने ट्यूशन को आगे बढ़ाते हुए 16 नवम्बर 2006 को उन्होंने एक यू ट्यूब चैनल की शुरूआत की। इस शिक्षाप्रद विडियो की लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती चली गई। बच्चों से मिलने वाले ढेर सारे प्रशंसा पत्र ने उन्हें अपनी नौकरी छोड़ने के लिए प्रेरित किया। महीनों बाद काम के परिणाम स्वरूप बिल गेट्स और ऐन डॉर ने उनके प्रोडक्ट डेवलपमेंट में पैसे लगाने के लिए सलमान को फ़ोन किया। पहले ही कुछ सालों  में 458 करोड़ लोगो ने उनके प्रोग्राम को सराहा। खान अकादमी ने अब तक 580 करोड़ लेसंस और 4 अरब एक्सरसाइजेज तैयार किये हैं। विश्व के 190 देशों के लिए और 36 भाषायों में इनका अनुवाद भी किया गया है।

सलमान यह मानते हैं कि आज की शिक्षा प्रणाली में जो कमी है वह न तो विद्यार्थियों की वजह से है और न ही शिक्षकों के कारण से। विद्यार्थी चीजों को अपनी समझने की क्षमता में मौजूद खामियों से गुजरते हुए ही सीख पाते हैं; और प्रायः समझ के इस गैप को या तो पहचाना ही नहीं जाता या फिर पहचानने में इतनी देर हो चुकी होती है कि किसी सुधार की गुंजाईश नहीं रह जाती। खान अकादमी अपने सॉफ्टवेयर और वीडियो जैसे अतिरिक्त सामग्री देकर बच्चों के इस गैप को भरने में मदद करती है, वो भी बच्चों की अपनी सुविधाजनक रफ़्तार से। सलमान अब भारत में असाक्षरता के विष-वृक्ष को जड़ से मिटाने में मदद करना चाहते है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया में दिए अपने इंटरव्यू में उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए उठाये गए अपने साहसिक कदम के बारे में बताया। उनका अगला कदम, दशक भर में ऑनलाइन प्लेटफार्म के द्वारा 450 करोड़ बच्चों को शिक्षित करने का है।

zpkajdag8upyk5nzqyqv5jtsxgw3y5zv.jpg

मानवीयता के कार्यों को अंजाम देने वाली संस्था सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन (सी एस एफ) के प्रमोटर और क्राइस-कैपिटल के संस्थापक आशीष धवन, खान अकादमी की सहायता की सहायता के लिए कदम बढ़ाया है। अभी खान अकादमी रतन टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा को भारतीय बाजार में लाने जा रही है। इनका मकसद मध्यमवर्गीय और गरीब विद्यार्थियों के लिए उनकी अपनी भाषाओं जैसे मराठी, तमिल,और बंगला में पढने की सुविधा उपलब्ध कराना है।

हम आशा करते हैं कि विद्यार्थी अपनी सुविधा और अपनी रफ़्तार से सीख सकते है। अपने माहौल में वे ज्यादा गहराई से और ख़ुद के हाथों काम करने जल्दी सीख पाएंगे।

भारत में आज ट्यूशन का फलता-फूलता बाजार है और खान अकादमी स्कूल के बाद के समय का सदुपयोग करने के लिए ऑनलाइन ट्यूशन की मुफ्त सुविधा मुहैया करा रहा । सलमान खान की आँखों द्वारा देखा गया एक छोटा सा सपना सचमुच किसी बड़ी क्रांति से कम नहीं है।

Share This Article
1371