इस इंजीनियर के अनोखे स्टार्टअप के जरिए आम आदमी बन रहे हैं 'डॉक्टर', हजारों लोग हुए लाभान्वित

क्या आपको पता है, आपात स्थितियों में चिकित्सा संबंधित जानकारियों के अभाव में हर वर्ष लाखों लोग अपना जीवन खो देते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि 40 प्रतिशत से अधिक मौतें रोकी जा सकती है अगर सही वक़्त पर बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जाए। अगर आम आदमी को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाए तो हम लाखों लोगों की जान बचा सकते हैं। इसी सोच के साथ एक अनूठे मुहिम की शुरुआत करने वाले प्रवीण गौड़ा हैं हमारी आज की कहानी के हीरो।

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बेंगलुरु में जन्में और पले-बढ़े प्रवीण पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अपनी बहन के लिए चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था करने के लिए उन्हें जो संघर्ष करना पड़ा, उस व्यक्तिगत अनुभव को उन्होंने एक मिशन में तब्दील कर दिया। उन्होंने सूचना प्रोद्योगिकी के माध्यम से इस समस्या का एक शानदार हल निकाला।वीएमईडीओ नामक एक कंपनी की स्थापना कर, उन्होंने अब तक 5,000 से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया है। 

तीन साल पहले जिस चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना उन्हें करना पड़ा था, उसके बारे में बात करते हुए वे बताते हैं कि "मेरी बहन को आपातकालीन रक्त की आवश्यकता थी और हम इसे प्राप्त करने में असफल थे। पूरा परिवार लगभग आधे घंटे तक असहायता के भाव से गुजरा, जब तक कि एम्बुलेंस हमारे पास नहीं पहुंच गई। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, मैंने फैसला किया कि मुझे कुछ ऐसा करना है ताकि कम से कम दूसरों को इस स्थिति का सामना न करना पड़े।"

गौड़ा ने रक्त की व्यवस्था के लिए ब्लड फॉर श्योर नामक ऐप के साथ शुरुआत की। इसके द्वारा प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उन्हें एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए एक सेवा शुरू को प्रेरित किया।

“लेकिन इस सब के बाद भी, मैं यह महसूस करता रहा कि अभी भी कुछ-न-कुछ कमी है। मुझे महसूस हुआ कि शायद आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होने से पहले हमें खुद डॉक्टर होने की आवश्यकता है। और फिर मैंने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) के साथ प्राथमिक चिकित्सा की मूल बातें लोगों को सिखाने के लिए प्रशिक्षित पेशेवर बनने का फैसला किया।"

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(सांकेतिक तस्वीर)

जेपी नगर स्थित उनके कार्यालय में लगभग 10 पेशेवर प्रशिक्षक और कई डॉक्टर हैं जो न केवल लोगों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करते हैं बल्कि जरूरतमंदों को वीडियो सहायता भी प्रदान करते हैं। कंपनी कॉर्पोरेट्स के साथ-साथ बेंगलुरु में व्यक्तियों के लिए कार्यशाला और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करती है। पिछले तीन वर्षों में, उन्होंने अपार्टमेंट परिसर, स्कूलों, कॉलेजों और 50 से अधिक फर्मों में 5,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है। उनकी मानें तो एनएससी (राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद) द्वारा प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर और दुर्घटना आपातकाल में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा जोखिम मूल्यांकन और आग नियंत्रण से संबंधित जानकरी भी दी जाती है।

 प्रवीण वाकई में एक अनोखा काम कर रहे हैं, जिसकी समाज को जरुरत है। ऐसे समय होते हैं जब हम किसी को अपार्टमेंट में बेहोशी या किसी दुर्घटना में घायल होते देखते हैं। लेकिन हममें से कई लोग यह देखने के लिए भी नहीं रुकते हैं कि क्या हुआ है, ऐसा इसलिए क्योंकि हम ख़ुद को मदद करने लायक नहीं मानते। यदि हर व्यक्ति के पास पर्याप्त प्रशिक्षण हो तो लाखों लोगों को एक और जीवन मिल सकता है।

 

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