अपनी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी रेल दुर्घटना को टालने वाले वॉचमैन को सलाम

31 जुलाई के दिन सीएसएमटी- पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे तमाम यात्री, वॉचमैन सुनील का शुक्रिया जीवनभर भी अदा नहीं कर पाएंगे। अपनी सूझबूझ से एक बड़े रेल हादसे को टालने वाले सुनील हीरो बनकर उभरे हैं। उनकी त्वरित कार्रवाई न सिर्फ उस ट्रेन के यात्री को जीवनदान दिया बल्कि वहां से गुजरने वाले कई ट्रनों के सैकड़ों यात्रियों के जीवन को बचाया।

गौरतलब है कि “31 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे वॉचमैन सुनील बिहारी ने मंकी हिल और ठाकुरवाड़ी रेलवे स्टेशनों के बीच लाइन ट्रैक में लगभग 125 मिलीमीटर का अंतर देखा। सीएसएमटी-पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस इसी रास्ते से आ रही थी। उन्होंने बिना कोई देर किए संबंधित अधिकारियों को सूचित किया और ट्रेन को रुकवाया।”

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पुणे मिरर की ख़बर के मुताबिक, "जब वरिष्ठ अधिकारी सूरज कांबले को घटना की जानकारी मिली, तो वे सुबह 9:25 बजे साइट पर पहुंचे। 9:45 बजे तक लाइन को ठीक कर दिया गया था।"

मानसून के दौरान भारी बारिश से देश भर के ऐसे कई हिस्सों में जहाँ रेलवे ट्रैक पहाड़ियों से होकर गुजरते हैं, ऐसे क्षेत्रों में पटरियों की निगरानी बेहद आवश्यक हो जाती है। कल्याण और लोनावाला के बीच के ट्रैक में भी इस तरह समस्या रहती है। एक भी भारी पत्थर रेलवे लाइन पर गिर जाने से बड़ी समस्या पैदा हो जाती है।

हालांकि, भारतीय रेल इन तमाम समस्याओं से निबटने के लिए भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान रुड़की के साथ मिलकर एक ऐसे ड्रोन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जो ट्रैक की चौबीसों घंटे निगरानी करेगा।

सुनील ने वाकई में अपनी सूझबूझ से एक बड़े हादसे को टाल कर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई है। हम उनकी कर्त्तव्य-परायणता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हैं।

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