Feed Item

आज हर कोई एक बड़ा मुकाम पाना चाहता है। सबकी चाहत होती है की लोग उनका नाम जानें, वे भीड़ में ख़ास हो। पर एक मुकाम पर पहुचनें के बाद हमारी ज़िम्मेवारी भी बढ़ जाती है और लोगों की आकांक्षाएं भी। अक्सर लोग एक पद पर पहुँच जानें के बाद उन आकांक्षाओं और अपनी जिम्मेवारियों को भुलनें लगते हैं। लेकिन आज हम एक ऐसी महिला आईएएस की बात करनें जा रहे हैं जिन्होंने ना सिर्फ अपनें कर्तव्यों को निभाया बल्कि समाज कल्याण हेतु हर संभव कदम उठाये। आज यूपी के सीएम से लेकर  के पीएम तक हर कोई उनके कार्यों की सराहना कर रहा है।

इनका नाम है कंचन वर्मा। कंचन 2005 बैच की आईएएस ऑफिसर हैं। यूपी में कंचन की एक अलग ही पहचान है। लोगों के बीच उनकी छवि एक तेज तर्रार और समाज विकास के लिए सजग रहनें वाली अधिकारी की है।  कंचन युपी के भदोही, फतेहपुर, मिर्ज़ापुर सहित कई जिलों में जिलाधिकारी के पद पर रह चुकी हैं। वे जहाँ भी रही लोगो के कल्याण और कानून व्यवस्था के लिए हर संभव कदम उठाते रहीं हैं। उनकी ईमानदारी और कार्यशैली के भी लोग कायल हैं।

साल 2012 में कंचन वर्मा को फतेहपुर के डीएम का पद सौप गया। वहां वे अपनें सामाजिक कार्यों के लोए बहुत चर्चा में रहीं। फतेहपुर जिलाधिकारी के तौर पर उन्होंने लगभग लुप्त हो चुकी नदी ससुर खेडरी नदी और ठिठोला झील को एक नया जीवन देने का काम किया। उन्होंने 23 करोड़ की योजना तैयार कर इसे पास करवाया। इससे नदी तो पुनर्जीवित हुई ही साथ मनरेगा योजना के अंतर्गत स्थानीय मजदूरों को भी काम मिला। 7 हेक्टेयर में फैली यह नदी सुख गयी थी और लोग उसपर खेती तक करनें लगे थे। पर कंचन नें एक पहल की और वहां 38 किमी खुदाई करवाई। नतीजा यह निकला की वह नदी फिर से अपनी पुरानें स्वरुप में बहनें लगी।

जब उन्हें मिर्जापुर का डीएम बनाया गया था तब वहां के शिक्षा व्यवस्था का खस्ता हाल देख हर वे खुद ही स्कूलों में पहुँच जाया करती थी। वे विद्यालयों का निरिक्षण करती थीं और कभी कभी शिक्षिका बनकर खुद बच्चों को मैथ व अंग्रेजी पढ़नें लग जाती थीं। निरिक्षण के दौरान उन्होंने साढ़े तीन सौ शिक्षकों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की थी। उन्होंने अपनें विभागीय जम्मेदारी के अलग हटकर जन जागरूकता के लिए काम किये। जिसके फल स्वरुप दर्जनों गावों को खुले में शौच मुक्त करवाया गया। उन्होंने ईंट भट्ठों पर शौचालय बनाने के बाद भी उन्हें एनओसी देने का प्रावधान किया जिससे स्वच्छता अभियान को और बल मिला। उनके ही कार्यकाल में मतदाता अभियान के तहत एक बड़ी रंगोली बनायी गयी थी। इसका नाम सबसे बड़ी रंगोली के विश्व रिकॉर्ड के रूप का गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज़ हुई थी।

उसके बाद उनके इन्हीं कार्यों से प्रभावित होकर यूपी के सीएम योगी उन्हें गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण का वीसी बना दिया। सुखी झील व नदी को पुनर्जीवित करनें के लिए उन्हें स्थापना और औधोगिक विभाग की विशेष सचिव के पर होते हुए साल 2016 में उन्हें कॉमनवेल्थ असोसिएशन एंड मैनेजमेंट इंटरनेशनल इनोवेशंस आवर्ड से पुरष्कृत किया जा चूका है। सिविल सर्विस दे के मौके ओअर पीएम मोदी द्वारा उन्हें यह पुरस्कार दिया गया था। इसके अलावा पीएम मोदी के ईमानदार आईएएस अफसरों की लिस्ट में कंचन वर्मा का भी नाम है।
अपनी साफ सुथरी छवि और सामाजिक कार्यों के प्रति हमेशा सजग रहनें के कारण ही कंचन की नाम पुरे देश में मशहूर हो गया हैं। आज हमारे देश को ऐसे ही ऑफिसरों की आवश्यकता है।