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सफलता प्राप्त करना हर किसी का सपना होता है, परन्तु असफलता के डर से लोग सीमाओं पर पहुंच कर किनारा कर लेते हैं। असफलता का डर अपने लक्ष्य तक पहुंचने के बीच में सबसे बड़ा रोड़ा होता है। यह लोगों को उनके कम्फर्ट जोन में सिमटे रह जाने का कारण बनता है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने से रोकता है। यह समझने में कठिनाई नहीं होगी कि क्यों लोग असफलता से घबराते हैं। असफलता की कल्पना और कठिन परिश्रम लोगों को डराते हैं और इस प्रकार वे खुद को औसत दर्जे की तसल्ली के आराम में फंसा लेते हैं। परन्तु असफलता के सोपानों पर पांव रखते हुए ही सफलता की मंज़िल का रास्ता जाता है। विफलता से परिचय के बगैर जीवन में कुछ भी सार्थक हासिल नहीं किया जा सकता।

यह एक अतिशयोक्ति लग सकता है लेकिन यह सच है कि सफलता पाने के लिए विफलता जरूरी होती है। यहाँ विफलता को साफ तौर पर समझने के लिए कुछ मुख्य बिंदु बताये गए हैं।

1. हम सब कभी न कभी असफल हुए हैं।

विफलता को रोका नहीं जा सकता, उस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता। असल में हमें सफलता का लक्ष्य निर्धारित करते समय असफलता के लिए मील का पत्थर सेट करने के लिए तैयार रहना चाहिए। जीवन में सफलता और असफलता दोनों साथ-साथ मौजूद होते हैं और यह हमारे लक्ष्य की दिशा में खट्टी-मीठी यात्रा का अनुभव कराते हैं। कोई भी सफलता का स्वाद तब तक नहीं चख सकता जब तक उसने कई बार विफलता का अनुभव नहीं किया हो।  

2. असफलता अपनी कमजोरियों को पहचानने में हमारी मदद करता है।

अपनी कमजोरियों को पहचान कर हमें उन पर काम करने की जरूरत होती है और उसे अपनी ताकत में बदलना होता है। हम इन बाधाओं से बचते हुए अपने लक्ष्य तक अपनी यात्रा आसान बना सकते हैं, बशर्तें हम उन्हें पहचान लें। इससे हमें और कुशलता से काम करने में मदद मिलती है। और हमें बेहतर परिणाम भी मिलते हैं।

3. असफलता हमें मजबूत बनाती है।

बार-बार असफलता का अनुभव करने से जीवन यात्रा निराशा से भर जाती है। लेकिन आशावादी और विजेता खुद को लक्ष्य के पास पहुंचना देखते हैं। क्या काम करने से हमारा वक्त और प्रयास बचेगा यह भी हमें विफलता की मदद से ही पता चल पाता है। यह कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए शक्तिशाली और अधिक कुशल बनाता है। अगर हमने महसूस कर लिया कि हम किन कारणों से असफल हुए हैं तो इसकी वजह से हममें परिपक्व तरीके से काम करने की क्षमता आ जाती है।

4. असफलता से अनुभव प्राप्त होता है।

अनुभव केवल बाल सफ़ेद करने से नहीं आती, यह आती है असफलता का तमगा लेने से। अनुभव से हममें परिपक्वता आती है और हमें अपनी योजना पर काम करना आसान हो जाता है। जोखिम लेने की हमारी रणनीति में सुधार होता है और हम जो काम कर रहे हैं उसमें निपुण हो जाते हैं। यह अनुभव हमें सफलता प्राप्त करने के लिए सहायक की भूमिका निभाता है और विफलता से निपटना सिखाता है।

5. विफलता हमें जोखिम लेना सिखाता है।

विफलता, सफलता की माँ होती है। यह हमारे सामने ढ़ेर सारे विकल्प खोल देता है। एक भूलभुलैया में मंजिल एक ही होती है परन्तु ढ़ेर सारे रास्ते होते हैं आप अपनी रचनात्मकता और उत्साह के द्वारा चुनौतियों को पार कर अपनी मंजिल तक पहुंच जाते हैं। असफलता से आप एक कदम पीछे तो हो जाते हैं परन्तु उसके बाद आप एक नई रणनीति सोच कर सही रास्ते पर आगे बढ़ते हैं। इसमें बुद्धि और भावनाओं का एक संतुलन होना चाहिए।

6. विफलता हमें बेहतर बनाने में मदद करता है।

सुधार की जरूरत हमें न केवल असफल होने पर जरूरी है बल्कि सफल होने के लिए भी जरूरी है। अपने लक्ष्य तक पहुंचना ही हमारा एक मात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए बल्कि अपने प्रयासों से हर कदम पर सीखने की कोशिश करनी चाहिए। विफलता साक्षात एक गुरू है वह आपके सारे इन्द्रियाँ खोल देता है और आप उन संकेतों के द्वारा कार्य करते हैं। अगर आप फोकस होते हैं तब सारे विकल्प आसानी से खुल जाते हैं।

7. विफलता नए रास्ते की खोज करने में मदद करता है।

जीवन क्षणों का एक संकलन है। आपको क्या ख़ुशी मिलेगी अगर आप एक तय रास्ते चलेंगे वो भी बिना जोखिम उठाये? किसी भी पल कुछ भी हो सकता है। हमारे सामने पूरी दुनिया खुली पड़ी है और हमारी सोच की क्षितिज को विस्तार देता है। इससे हमें हमारे विषय के बारे में ज्यादा जानकारी मिलेगी और हम अपने लक्ष्य को बेहतर समझ पाएंगे।

8. विफलता खुद को पहचानने में हमारी मदद करती है।

सफलता और विफलता जीवन के सिक्के के दो पहलू हैं। अगर आप सिक्का उछालते हैं तो 50 फीसदी सम्भावना है आप जीते या हारे। जीत हमारी यात्रा एक अंत है। परन्तु विफलता हमारे सामने ढेरों संभावनाएं खोल देती है और जीवन को और बेहतर बनाने में मदद करती है। अगर आप ज्यादा बार विफल हुए हैं तब आप अपने आप को और जीवन को और बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। जीवन का अंत हमेशा जीत कर नहीं होता। बेहतर मार्ग लेने के लिए हमें अलग रास्ते पर चलना पड़ेगा।

9. विफलता हमारी सोच को ज्यादा सूक्ष्म बनाता है।

जब हमारा सामना विफलता से होता है तो वह हमारी पूरी दुनिया ही हिला कर रख देता है। परन्तु अगर बार-बार विफलता का दोहराव हो रहा है तब यह आपका शिक्षक बन जाता है और आपको बेहतर रास्ता चुनने की सीख देता है। जीतने वाले को भी विफलता स्वीकार करने में वक्त लगता है। अफ्रीकन कहावत है “शांत समुद्र में खेवते रहने से कभी नाविक कुशल नहीं बन सकता।” विफलता एक बाध्यता है जब जीतने से यात्रा का अंत हो जाता है तो क्यों न असफल होकर नयी तकनीक और रणनीतियों के साथ आप एक और नए यात्रा की शुरुआत करना पसंद करेंगे!

10. सफलता बहुत जल्दी झूठा आत्मविश्वास देती है

क्यों यह कहा जाता है कि कुछ लोग सफलता को ठीक से हैंडल नहीं कर पाते? उत्तर यही हो सकता है कि उन्होंने बहुत जल्द ही सफलता का स्वाद चख लिया हो। आत्मविश्वास और अति आत्मविश्वास के बीच एक बारीक़ रेखा होती है। आकाश में ऊँची उड़ान में होने के बाद ज़मीन पर पांव ठिकाना भी सीखना होता है। इस रवैये से गलत विश्वास से बचा जा सकता है और विजेता को हमेशा अपने यात्रा में आगे बढ़ना सिखाता है।

11. विफलता हमें सफलता का आनंद लेना सिखाता है

विफलता हमें जीवन का अंधेरा पक्ष भी दिखाती है। जब बिजली चली जाती है तब हम टॉर्च या लैंप जलाते हैं। उसी तरह जब जीवन में हम बार-बार विफल होते हैं तब हमें सफलता के स्वाद का लालच रहता है। और तब हम पसीने की एक-एक बूँद सफलता की उपलब्धि में निवेश करते हैं। हमें पता चलता है कि सफलता हमें कठिन परिश्रम से मिलती है। जैसे पूरे दिन भूखा रहने के बाद खाली पेट में भोजन का पहला निवाला।

सैमुअल बेकेट के शब्दों में “कभी कोशिश की, कभी नाकामयाब हुए, कोई बात नहीं; फिर कोशिश करें, फिर असफल भले हों पर यह असफलता पहले से अलग और बेहतर ज़रूर होनी चाहिए !“